झारखंड के मांदर को मिला GI टैग, अब देशभर में इसी नाम से होगी पहचान; गुमला के कारीगरों को भी नई उम्मीद
झारखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर को भारत सरकार के भौगोलिक संकेतक जीआइ रजिस्ट्री द्वारा ‘मांदर ऑफ झारखंड’ के रूप में जीआइ टैग प्रदान किया गया है।
यह मान्यता मांदर की विशिष्ट बनावट, स्थानीय लाल मिट्टी के उपयोग और सदियों पुरानी निर्माण परंपरा के साथ-साथ गुमला के कारीगरों की पहचान को भी मजबूत करती है।
यह मान्यता मांदर की विशिष्ट बनावट, स्थानीय लाल मिट्टी के उपयोग और सदियों पुरानी निर्माण परंपरा के साथ-साथ गुमला के कारीगरों की पहचान को भी मजबूत करती है।