सफाई मोहर्रिरों के पद सृजित कर नियमित करें, दशकों तक काम लेने के बाद 'पद नहीं होने' का तर्क उचित नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाई कोर्ट ने दुमका के आठ सफाई मोहर्रिरों के नियमितीकरण पर राज्य सरकार को उनके काम की आवश्यकता का आकलन कर पद सृजित करने और फिर नियमितीकरण पर विचार करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि विज्ञापन से नियुक्त और दो दशक से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों को केवल नियमावली के दायरे में न आने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता, और स्वीकृत पद न होने का तर्क भी उचित नहीं।
अदालत ने कहा कि विज्ञापन से नियुक्त और दो दशक से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों को केवल नियमावली के दायरे में न आने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता, और स्वीकृत पद न होने का तर्क भी उचित नहीं।