राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक रूप से राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया
03 जून 2026, नई दिल्ली विज्ञान भवन की अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू ने आज नई दिल्ली में एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसियों और एकीकृत जनजातीय विकास परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि देश भर में रहने वाला जनजातीय समाज सांस्कृतिक रूप से बहुत समृद्ध है और जनजातीय समुदाय को आगे लाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास अंतिम घर और अंतिम गांव तक पहुंचना चाहिए। सुश्री मुर्मू ने चिंता व्यक्त की कि अभी भी आदिवासियों के कुछ वर्ग हैं जो सरकार की विभिन्न योजनाओं से अनजान हैं।
राष्ट्रपति ने सभी एजेंसियों और हितधारकों से युवाओं के लिए सम्मानजनक नौकरी और प्रत्येक आदिवासी बच्चे के लिए स्कूल सहित जनजातीय कल्याण के हर पहलू का विकास सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनजातीय युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि जनजातीय आबादी प्रतिभाशाली है और उनकी क्षमता की पहचान करने और उसे पोषित करने की जिम्मेदारी सभी की है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के बीच व्यापक रूप से फैले सिकल सेल रोग के बारे में भी चर्चा की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में नैनो विज्ञान और इंजीनियरिंग केंद्र में स्थापित प्रशिक्षण फैब का भी उद्घाटन किया। राष्ट्रपति मुर्मू देश के विभिन्न हिस्सों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में स्थापित 75 अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन करेंगे। यह सुविधा जनजातीय मामलों के मंत्रालय के सहयोग से विकसित की गई है। यह आयोजन जारी जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन देश भर में जनजातीय विकास वितरण के लिए जिम्मेदार संस्थागत प्रणालियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें शासन सुधार, अभिसरण तंत्र और प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवा वितरण शामिल हैं। इस सम्मेलन में 26 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।